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APAAR ID कैसे बनाएं? कौन-कौन बना सकता है? (पूरी जानकारी)

 APAAR ID कैसे बनाएं? कौन-कौन बना सकता है? (पूरी जानकारी)


नमस्कार दोस्तों! www.okanswers.com के इस विशेष ब्लॉग पोस्ट में आपका स्वागत है। आज के डिजिटल युग में भारत सरकार हर क्षेत्र को डिजिटल बनाने का प्रयास कर रही है, और शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत सरकार ने छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसे हम APAAR ID (अपार आईडी) के नाम से जानते हैं।

इसे "वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी" (One Nation, One Student ID) भी कहा जा रहा है। अगर आप एक छात्र हैं, या किसी छात्र के माता-पिता हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह आईडी क्या है, इसे कौन बना सकता है और इसे बनाने का पूरा तरीका क्या है। तो चलिए, बिना किसी देरी के इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हैं।


APAAR ID क्या है? (What is APAAR ID?)

APAAR का फुल फॉर्म है Automated Permanent Academic Account Registry (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री)।

सरल शब्दों में समझें तो, जिस तरह भारत के हर नागरिक की पहचान के लिए 12 अंकों का आधार कार्ड (Aadhaar Card) होता है, ठीक उसी तरह हर छात्र की शैक्षणिक पहचान के लिए एक 'अपार आईडी' होगी। यह एक 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) है। इस आईडी के अंदर छात्र के नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षा (Graduation/Post Graduation) तक के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड, मार्कशीट, डिग्रियां, सर्टिफिकेट और अन्य उपलब्धियां डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगी।

जब भी कोई छात्र स्कूल बदलेगा या किसी नए कॉलेज में एडमिशन लेगा, तो उसे अपने ढेरों कागज और मार्कशीट साथ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ इसी एक APAAR ID की मदद से नया संस्थान छात्र का पूरा एजुकेशनल बैकग्राउंड देख सकेगा।


APAAR ID कौन-कौन बना सकता है? (Who can create an APAAR ID?)

यह सवाल बहुत से लोगों के मन में होता है कि क्या यह आईडी सिर्फ कॉलेज के छात्रों के लिए है या छोटे बच्चों के लिए भी है? इसका स्पष्ट जवाब नीचे दिया गया है:

  • प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के छात्र: नर्सरी, केजी और कक्षा 1 से 5 तक के सभी बच्चे। (इनके लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य है)।

  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक छात्र: कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ने वाले सभी स्कूल के छात्र।

  • कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र: अंडरग्रेजुएट (UG), पोस्टग्रेजुएट (PG), डिप्लोमा या पीएचडी कर रहे सभी छात्र।

  • सरकारी और प्राइवेट संस्थान: छात्र चाहे किसी भी सरकारी स्कूल/कॉलेज में पढ़ता हो या किसी प्राइवेट संस्थान में, सभी के लिए यह आईडी बनाई जा सकती है।

  • ड्रॉपआउट छात्र: ऐसे छात्र जिन्होंने बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और भविष्य में दोबारा शुरू करना चाहते हैं, उनके पुराने क्रेडिट्स (Credits) को सुरक्षित रखने के लिए भी यह आईडी बहुत काम आती है।

नोट: यदि छात्र की उम्र 18 वर्ष से कम है (नाबालिग है), तो APAAR ID बनाने के लिए माता-पिता (Parents) या अभिभावक की सहमति (Consent) अनिवार्य होती है।


APAAR ID बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents)

APAAR ID बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पेपरलेस है। इसके लिए आपको मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होगी:

  1. आधार कार्ड (Aadhaar Card): छात्र का आधार कार्ड होना सबसे जरूरी है।

  2. आधार से लिंक मोबाइल नंबर: आधार कार्ड में एक एक्टिव मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए क्योंकि वेरिफिकेशन के लिए उस पर OTP (One Time Password) आएगा।

  3. डिजीलॉकर अकाउंट (DigiLocker Account): छात्र का डिजीलॉकर पर अकाउंट होना चाहिए (यदि नहीं है, तो आईडी बनाते समय यह अपने आप बन जाता है)।


APAAR ID बनाने का पूरा तरीका (Step-by-Step Guide)

आप अपनी APAAR ID मुख्य रूप से दो तरीकों से बना सकते हैं: पहला Academic Bank of Credits (ABC) पोर्टल के जरिए और दूसरा DigiLocker ऐप के जरिए। यहां हम आपको सबसे आसान और सीधा तरीका बता रहे हैं:

तरीका 1: ABC पोर्टल (abc.gov.in) के माध्यम से

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में जाएं और Academic Bank of Credits की आधिकारिक वेबसाइट www.abc.gov.in को ओपन करें।

स्टेप 2: My Account पर क्लिक करें

वेबसाइट के होमपेज पर आपको दाईं तरफ ऊपर की ओर 'My Account' का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेनू से 'Student' विकल्प को चुनें।

स्टेप 3: DigiLocker के जरिए लॉगिन करें

अब आपके सामने डिजीलॉकर (MeriPehchaan) का लॉगिन पेज खुल जाएगा।

  • अगर आपका पहले से डिजीलॉकर अकाउंट है, तो अपना मोबाइल नंबर/यूजरनेम और 6 अंकों का पिन डालकर Sign In करें।

  • अगर अकाउंट नहीं है, तो नीचे 'Sign Up for MeriPehchaan' पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP वेरीफाई करें, अपनी डिटेल्स भरें और अकाउंट बनाएं।

स्टेप 4: आधार ई-केवाईसी (Aadhaar e-KYC)

लॉगिन करने के बाद, सिस्टम आपसे आधार वेरिफिकेशन के लिए कहेगा। अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें। आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज करके सबमिट करें।

स्टेप 5: कंसेंट (सहमति) प्रदान करें

अब स्क्रीन पर आपको अपनी जानकारी ABC पोर्टल के साथ साझा करने के लिए सहमति (Consent) देने का पेज दिखेगा। इसे पढ़कर 'Allow' या 'I Agree' पर क्लिक करें।

स्टेप 6: शैक्षणिक विवरण भरें (Academic Details)

सहमति देने के बाद, आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपने वर्तमान स्कूल/कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम, एडमिशन का वर्ष, और कोर्स की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसे ध्यानपूर्वक भरें और 'Submit' पर क्लिक करें।

स्टेप 7: APAAR ID जनरेट हो गई!

सबमिट करते ही आपकी स्क्रीन पर एक 12 अंकों की विशिष्ट आईडी आ जाएगी। यही आपकी APAAR ID है। आप इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या इसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।

तरीका 2: स्कूल या कॉलेज के माध्यम से

सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को भी यह जिम्मेदारी दी है कि वे अपने छात्रों की APAAR ID बनाएं।

  • स्कूल/कॉलेज की तरफ से अभिभावकों को एक 'सहमति पत्र' (Consent Form) दिया जाता है।

  • माता-पिता को उस फॉर्म में अपनी सहमति देकर और बच्चे का आधार विवरण भरकर स्कूल में जमा करना होता है।

  • इसके बाद स्कूल प्रशासन खुद पोर्टल पर जाकर छात्रों की आईडी जनरेट करता है।


APAAR ID के मुख्य फायदे (Benefits of APAAR ID)

www.okanswers.com के पाठकों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि आखिर इस आईडी से छात्रों को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं:

  • सभी डॉक्यूमेंट्स एक जगह: अब मार्कशीट खोने या फटने का डर नहीं रहेगा। सारी डिग्रियां और सर्टिफिकेट्स डिजिटल रूप से इसी आईडी में लिंक रहेंगे।

  • एडमिशन में आसानी: जब छात्र एक स्कूल से दूसरे स्कूल या कॉलेज में जाएगा, तो नया संस्थान सीधे इस आईडी के जरिए उसके पुराने सारे रिकॉर्ड एक्सेस कर सकेगा। इससे एडमिशन प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी।

  • क्रेडिट सिस्टम: नई शिक्षा नीति के तहत छात्र जो भी पढ़ाई करेगा, उसके क्रेडिट्स इस खाते में जुड़ते जाएंगे। अगर कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है और कुछ साल बाद फिर शुरू करता है, तो उसके पुराने क्रेडिट्स का नुकसान नहीं होगा।

  • स्कॉलरशिप और नौकरी में सुविधा: विभिन्न सरकारी स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ लेने और भविष्य में नौकरी के समय बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में यह आईडी बहुत मददगार साबित होगी।


निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में हम यही कहेंगे कि APAAR ID भारत की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और छात्रों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है और हर छात्र को इसे जरूर बनाना चाहिए। चाहे आप स्कूल में हों या कॉलेज में, आज ही ऊपर बताए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी या अपने बच्चों की अपार आईडी जनरेट करें।

हमें उम्मीद है कि www.okanswers.com के इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से आपको 'APAAR ID कैसे बनाएं' और 'इसे कौन बना सकता है', इस बारे में पूरी और सही जानकारी मिल गई होगी।


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