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राजस्थानी पंचमेल दाल बनाने की आसान विधि | Panchmel Dal Recipe in Hindi


राजस्थानी पंचमेल दाल बनाने की आसान और प्रामाणिक विधि | Panchmel Dal Recipe - www.okanswers.com

शाही स्वाद: राजस्थानी पंचमेल दाल (पंचरत्न दाल) बनाने की विधि

लेखक: www.okanswers.com | श्रेणी: राजस्थानी मेन कोर्स | तैयारी का समय: 40 मिनट

भारतीय व्यंजनों में दाल का एक विशेष स्थान है, लेकिन जब बात शाही और पारंपरिक स्वाद की आती है, तो राजस्थानी पंचमेल दाल (Panchmel Dal) का नाम सबसे ऊपर आता है। इसे 'पंचरत्न दाल' भी कहा जाता है, क्योंकि यह 5 अलग-अलग दालों का एक जादुई मिश्रण है। इस दाल को खास तौर पर बाटी (दाल-बाटी चूरमा) के साथ परोसा जाता है, लेकिन यह जीरा राइस और घी लगी रोटियों के साथ भी उतनी ही लाजवाब लगती है।

पौराणिक कथा (History): कहा जाता है कि पंचमेल दाल की उत्पत्ति महाभारत काल में हुई थी। अज्ञातवास के दौरान जब भीम रसोई का काम संभाल रहे थे, तब उन्होंने अलग-अलग दालों को मिलाकर और देसी घी का तड़का लगाकर इस पौष्टिक व्यंजन का आविष्कार किया था। बाद में यह मेवाड़ के राजघरानों की पसंदीदा डिश बन गई।

आज www.okanswers.com पर हम आपको इस पारंपरिक और प्रोटीन से भरपूर राजस्थानी दाल को घर पर बनाने का एकदम आसान और प्रामाणिक (Authentic) तरीका बताएंगे, जिसमें हम 'डबल तड़के' का सीक्रेट इस्तेमाल करेंगे।

पंचमेल दाल खाने के बेमिसाल फायदे (Health Benefits)

पांच अलग-अलग दालों को मिलाने के पीछे सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि एक गहरा विज्ञान भी है:

  • हाई प्रोटीन का खजाना: जो लोग शाकाहारी हैं, उनके लिए 5 दालों का यह मिश्रण मांस-मछली जितना ही प्रोटीन प्रदान करता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
  • पचने में आसान: जहां छिलके वाली दालें भारी होती हैं, वहीं धुली दालें उन्हें बैलेंस करती हैं। साथ ही तड़के में हींग और जीरा पाचन को दुरुस्त रखते हैं।
  • डायबिटीज में फायदेमंद: इस दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी कम होता है, जो खून में शुगर के स्तर को अचानक बढ़ने से रोकता है।
  • पोषक तत्वों का संपूर्ण पैकेज: इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं।

आवश्यक सामग्री (Ingredients for Panchmel Dal)

परफेक्ट स्वाद के लिए दालों का सही अनुपात होना बहुत जरूरी है। नीचे दी गई सामग्री 4 लोगों के लिए पर्याप्त है:

5 दालों का मिश्रण:

  • चना दाल: 2 बड़े चम्मच
  • अरहर (तुअर) दाल: 2 बड़े चम्मच
  • मूंग दाल (धुली या छिलका): 2 बड़े चम्मच
  • उड़द दाल (छिलका वाली): 2 बड़े चम्मच
  • मसूर दाल: 2 बड़े चम्मच

तड़के और मसालों के लिए:

  • देशी घी: 3-4 बड़े चम्मच (असली स्वाद घी से ही आता है)
  • जीरा और राई: 1/2 - 1/2 छोटा चम्मच
  • हींग (Asafoetida): 2 चुटकी
  • साबुत लाल मिर्च: 2-3
  • लौंग और तेजपत्ता: 2 लौंग और 1 तेजपत्ता
  • बारीक कटा प्याज: 1 मध्यम आकार का
  • टमाटर प्यूरी या बारीक कटा टमाटर: 2 मध्यम आकार के
  • अदरक-लहसुन-हरी मिर्च का पेस्ट: 1.5 बड़ा चम्मच (थोड़ा दरदरा कुटा हुआ)
  • हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
  • कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच (सुंदर रंग के लिए)
  • धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच
  • गरम मसाला: 1/2 छोटा चम्मच
  • नमक: स्वादानुसार
  • हरा धनिया: गार्निशिंग के लिए

बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (Step-by-Step Process)

  1. दाल को भिगोना (Soaking is must): एक बड़े बर्तन में पांचों दालों (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर) को एक साथ लें। इन्हें पानी से 3-4 बार अच्छी तरह धो लें। अब इसमें साफ पानी डालकर कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे के लिए भिगो कर रख दें। चना और उड़द दाल को फूलने में समय लगता है।
  2. दाल उबालना: प्रेशर कुकर में भीगी हुई दाल डालें। इसमें 3-4 कप पानी, आधा चम्मच हल्दी और आधा चम्मच नमक डालकर कुकर बंद कर दें। मध्यम आंच पर 4 से 5 सीटी आने दें ताकि सभी दालें अच्छी तरह से गल जाएं।
  3. तड़का तैयार करना: गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें 2 बड़े चम्मच देशी घी गरम करें। घी गरम होने पर जीरा, राई, तेजपत्ता, लौंग और हींग डालें। अब इसमें साबुत लाल मिर्च डाल दें।
  4. प्याज और टमाटर भूनना: तड़के में दरदरा कुटा अदरक-लहसुन और हरी मिर्च डालें। 1 मिनट भूनने के बाद बारीक कटा प्याज डालें और सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद टमाटर प्यूरी डालें।
  5. सूखे मसाले मिलाना: जब टमाटर हल्का पक जाए, तो इसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और थोड़ा सा नमक (याद रखें दाल में भी नमक है) डाल दें। मसाले को तब तक भूनें जब तक कि किनारों से घी अलग न होने लगे।
  6. दाल को मिलाना: अब उबली हुई दाल को कड़ाही में पलट दें। मसालों के साथ अच्छे से मिलाएं। अगर दाल बहुत गाढ़ी लग रही हो, तो इसमें थोड़ा उबला हुआ (गर्म) पानी मिला लें। इसे ढककर धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक कढ़ने (Simmer) दें। राजस्थानी दाल जितनी धीमी आंच पर पकती है, उतनी ही स्वादिष्ट होती है।
  7. फाइनल तड़का और गार्निशिंग: अंत में गरम मसाला डालें। एक छोटे तड़का पैन में 1 चम्मच घी गरम करें, उसमें थोड़ी सी हींग और कश्मीरी लाल मिर्च डालें और ऊपर से दाल में लगा दें। ताजे हरे धनिये से सजाकर गरमा-गरम परोसें!

💡 शेफ के राजस्थानी प्रो-टिप्स (Pro Tips)

  • टेक्सचर (Texture): पंचमेल दाल को बिल्कुल स्मूथ पेस्ट (मक्खन की तरह) नहीं घोंटना चाहिए। इसमें चना और उड़द दाल के दाने हल्के से दिखने चाहिए, यही इसका असली टेक्सचर है।
  • तेल का प्रयोग न करें: राजस्थानी खाने की आत्मा 'देसी घी' है। इस दाल में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल करने से वह ऑथेंटिक स्वाद नहीं आएगा।
  • खटास के लिए: अगर टमाटर ज्यादा खट्टे नहीं हैं, तो अंत में थोड़ा सा आमचूर पाउडर या नींबू का रस मिला लें, स्वाद दोगुना हो जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

(नीचे दिए गए सवालों के जवाब स्क्रॉल करने पर अपने-आप जनरेट होंगे...)

Q1: पंचमेल दाल में कौन-सी 5 दालें मिलाई जाती हैं?
उत्तर जनरेट हो रहा है...
Q2: क्या इस दाल को बिना प्याज और लहसुन के बनाया जा सकता है?
उत्तर जनरेट हो रहा है...
Q3: पंचमेल दाल को ढाबे जैसा और क्रीमी कैसे बनाएं?
उत्तर जनरेट हो रहा है...

तो दोस्तों, अगर आप रोज़ाना की वही अरहर की दाल खाकर बोर हो गए हैं, तो इस वीकेंड राजस्थानी पंचमेल दाल जरूर ट्राई करें। यह रेसिपी आपको कैसी लगी, हमें कमेंट में बताएं। और भी बेहतरीन रेसिपीज़ के लिए www.okanswers.com विजिट करते रहें!

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